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क्या है FAT LOSS कहीं आप WEIGHT LOSS तो नहीं करे रहे ?

भारत में मोटापा एक गंभीर समस्या बन चूका है भारत के आबादी के करीब 10 करोड़ से अधिक लोग इस समस्या के शिकार है | आज हर कोई अपना वजन काम करना चाहते है लेकिन वो अपने कुछ गलतियों से मोटापा कम की जगह WEIGHT LOSS करते है | आइये जानते है क्या होता है FAT LOSS और WEIGHT LOSS ? क्या आपका तरीका सही है कहीं आप WEIGHT LOSS तो नहीं कर रहे है |

जब आप सिर्फ वजन कम करने पर ध्यान देते है तो आप कुछ गलतियां जाने अनजाने में कर जाते है जिससे आपके मेटाबोलिक रेट पर असर पड़ता है | इसके विपरीत FAT LOSS का लक्ष्य होता है सिर्फ शरीर के FAT प्रतिशत को कम करना और LEAN MUSCLE MASS को सुरक्षित रखना है | मांसपेशियां मेटाबॉलिक रूप से काफी सक्रिय होती है जो आपके सोते समय भी कैलोरी को बर्न करने में मदद करती है |

सबसे पहला और सबसे जरूरी नियम Caloric डेफिसिट होता है और साथ ही अपने Energy Balance करने की जरूरत होती है | अगर डॉक्टर की राय ले तो वो सुझाव देते है की आपको अपनी दैनिक ऊर्जा खपत से लगभग 200-500 कैलोरी कम लेनी चाहिए ।बहुत अधिक अगर कैलोरी कम करते है तो शरीर ‘Starvation Mode’ में चला जाता है, जिससे मोटापा कम होना रुक सकता है।

FAT LOSS के सफर में Metabolic Flexibility एक गेम-चेंजर के रूप में काम करता है। इसका मतलब है कि आपका शरीर सही तरीके से कार्बोहाइड्रेट और फैट दोनों को ईंधन के रूप में इस्तेमाल कर सके। जब आप CARB DIET डाइट या Intermittent Fasting करते हैं, तो आपका शरीर जमा हुए फैट को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करना सीख जाता है, जिससे FAT LOSS तेजी से होता है।

साथ ही डाइट में उच्च प्रोटीन शामिल करना FAT LOSS के लिए अनिवार्य है। प्रोटीन आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे आप फालतू कैलोरी खाने से बचते है । शरीर को प्रोटीन पचाने के लिए अन्य पोषक तत्वों की तुलना में अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, जो अप्रत्यक्ष रूप से FAT LOSS में कारगर साबित होता है |

अगर आप केवल कार्डियो करने से FAT LOSS करने की कोशिश कर रहे है तो एक सीमा के बाद FAT LOSS रुक जाता है। आपको अपनी दिनचर्या में कुछ जरूरी चीज़ें शामिल करना चाहिए |

Resistance Training & Hypertrophy:

वजन उठाने से MUSCLES का निर्माण होता है। जितनी अधिक MUSCLES होंगी, आपका Resting Metabolic Rate (RMR) उतना ही अधिक होगा, जिससे FAT LOSS की JOURNEY आसान हो जाएगा।

HIIT (High-Intensity Interval Training):

यह कम समय में अधिक फैट जलाने का एक प्रभावी तरीका है और यह एक्सरसाइज के बाद भी कई घंटों तक FAT LOSS की प्रक्रिया को जारी रखता है जिसे हम EPOC Effect के नाम से भी जानते है।

FAT LOSS केवल कैलोरी के बारे में नहीं है, बल्कि हार्मोन के बारे में भी है।

Insulin Sensitivity:

यदि आपकी इंसुलिन संवेदनशीलता सही नहीं है, तो आपका शरीर फैट को स्टोर करेगा, उसे जलाएगा नहीं। चीनी और रिफाइंड कार्ब्स कम करके आप इसे सुधारने का प्रयास कर सकते है |

Cortisol:

तनाव के कारण बढ़ने वाला कोर्टिसोल हार्मोन विशेष रूप से आपके पेट के पास फैट जमा करता है। इसलिए, FAT LOSS के लिए तनाव को कम रखना काफी महत्वपूर्ण है। हमें कोशिश करना चाहिए की हम कम से कम तनाव ले |

7-9 घंटे की नींद लेना FAT LOSS के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि रोज वर्कआउट। नींद की कमी से भूख बढ़ाने वाले हार्मोन (Ghrelin) बढ़ जाते हैं। जिम के बाहर हमारे रोजाना काम जैसे चलना, खड़े रहना या घर के काम करना। यह आपके FAT LOSS JOURNEY में काफी अहम् भूमिका निभाता है।
जब आप अपनी डाइट, वर्कआउट और रिकवरी को संतुलित करते हैं, तो FAT LOSS न केवल आसान हो जाता है, बल्कि लंबे समय तक स्थाई भी रहता है |

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