
प्रधानमंत्री ने गुरुवार को अपने आधिकारिक वेबसाइट narendramodi.in पर एक एक लेख प्रकाशित किया जिसमे उन्होंने कहा महिलाओं को विधायी संस्थाओं में आरक्षण देना समय की मांग है | आइये हम मिलकर भारत की नारी को सशक्त करें |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लेख में कुछ महत्वपूर्ण बातों का जिक्र करते हुए कहा है उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण विधेयक) के महत्त्व पर प्रकाश डाला है | जिसमे उन्होंने सामान भागीदारी की बात कही है और साथ ही यह भी बताया है कि यह महिला आरक्षण बिल समय कि मांग है |
उन्होंने अपने लेख में जिक्र करते हुए लिखा है कि अब भारत केवल महिलाओं के विकास की बात नहीं कर रहा, बल्कि ‘महिलाओं के नेतृत्व में विकास’ की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल न केवल एक अधनियम है बल्कि महिला सशक्तिकरण का प्रतिक भी है |
विशेष सत्र में पेश होगी बिल
कैबिनेट कि मुहर लगने के बाद महिला सशक्तिकरण के लिए महिला आरक्षण बिल को एक विशेष सत्र में पेश करने जा रही है | संसद का विशेष सत्र 16 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है जिसमे महिला आरक्षण बिल को पेश किया जायेगा | प्रधानमंत्री मोदी जी ने इस बात का जिक्र एक सांकेतिक रूप से बारपेटा में इसका जिक्र करते हुए कहा था कि महिला सशक्तिकरण हमारा प्राथमिकता में शामिल है |

विपक्ष से साथ की अपील
प्रधानमंत्री ने अपने लेख में महिला आरक्षण बिल को समर्थन देने की अपील की है | उन्होंने कहा संसद का अब यह विशेष सत्र बेहद करीब आ चूका है मैं सभी दल के संसद से अपील करना चाहूंगा की हमारी नारीशक्ति के लिए इस महत्वपूर्ण कदम में हमारा समर्थन करें |
आपको बता दे सितम्बर 2023 में सदन ने सर्वसम्मति से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था, जिसे महिला सशक्तिकरण के दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में माना गया था अब सरकार इसे जमीन पर लागु करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रही है |
विपक्ष को साथ लाने का प्रयास

Union Minister of Parliamentary Affairs of India के मंत्री किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण बिल को लेकर वभिन्न राजनितिक दलों के साथ बातचीत की थी क्यूंकि सरकार का यह मानना है की ऐसे मुद्दों पर व्यापक राजनितिक सहमति मिलना उसकी प्राथमिकता है | जिसके लिए आज प्रधानमंत्री मोदी जी ने भी अपने पोस्ट के जरिये सभी को साथ आने की अपील कर रहे है |
महिलाओं की आवाज़ होंगी बुलंद

जी हां अगर महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी तो महिला वर्ग की आवाज़ भी बुलंद होगी यह न केवल संरचना बदलेगा बल्कि निति नियम बनाने में महिला की भागीदारी भी बढ़ाएगा | अब सभी की निगाहें 16 अप्रैल पर टिकी है जहाँ संसद का ये विशेष सत्र तय करने वाला है कि क्या महिला आरक्षण बिल भारतीय लोकतंत्र को एक नयी दिशा देने जा रहा है |










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