RTI को लेकर अन्ना हजारे का फूटा गुस्सा एक बार फिर से अनशन मंच पर दिख सकते है अन्ना हज़ारे। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे किसी परिचय के मोहताज नहीं है उन्हें हम लंबे अरसे से जानते है जब उन्होंने कांग्रेस के सरकार के समय लोकपाल बिल के खिलाफ अनशन शुरू किया था। आपको बता दें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के चीफ अरविन्द केजरीवाल भी अपना राजनितिक करियर यही अन्ना हज़ारे के इसी आंदोलन से चमकाया था।अब फिर से एक बार अन्ना हजारे ने अनशन करने की चेतावनी दे ही है।
RTI का क्या है मामला ?
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने एक बार फिर से चेतावनी दी है कि अगर महाराष्ट्र के फडणवीस की सरकार ने सूचना का अधिकार अर्थात RTI के नियमों में किए गए संशोधनों को तुरंत वापस नहीं लेती है तो वह महारष्ट्र स्थित अहिल्यानगर जिले के रालेगण सिद्धि गांव में पांच जुलाई से अनिश्चितकालीन अनशन एक बार फिर से शुरू करेंगे।

अन्ना हजारे ने लिखा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में, सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने लिखा कि महाराष्ट्र सूचना का अधिकार नियम , 2026 से RTI कानून की असरदार क्षमता कम हो जाएगी। उन्होंने साथ ही यह दावा किया कि 12 जून को किए गए RTI कानून में बदलाव यह RTI कानून की मूल भावना का उल्लंघन करता हैं और साथ ही पारदर्शिता को कमज़ोर करता हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने RTI आवेदन शुल्क में बढ़ोतरी और एक विषय, एक आवेदन के नियम समेत कई बदलावों पर भी अपनी आपत्ति जताई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में अन्ना ने लिखा, अगर RTI कानून संशोधनों को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो मैं पांच जुलाई को रालेगण सिद्धि के यादव बाबा मंदिर में अनशन शुरू करूंगा, भले ही इसके लिए मुझे अपनी जान ही क्यों न देनी पड़ जाये।
देखा जाये तो अब अन्ना हजारे फिर एक बार अनशन के मंच पर दिख सकते है अगर महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार उनके बातों को नहीं मानती है ।

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