आपको बता दें इसमें दुनिया के सात सबसे बड़े विकसित अर्थव्यवस्था वाले देश शामिल है जिसमें अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश शामिल है । आपके जानकारी के लिए समझना होगा की आखिर यह ग्रुप ऑफ सेवन कौन से विषय पर चर्चा करता है , तो आपको पता होना चाहिए की जी-7 एक अनौपचारिक समूह है जो वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करता है।
इसमें भारत की भूमिका क्या है ?
भारत जी-7 का औपचारिक सदस्य नहीं है, लेकिन फिर भी दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और उभरते हुए वैश्विक बाजार होने के कारण भारत अक्सर ‘अतिथि’ या ‘आउटरीच’ देश के रूप में जी-7 शिखर सम्मेलनों में आमंत्रित किया जाता रहा है ।
हाल ही में जी-7 एवियन (Evian) शहर जो की फ्रांस में स्थित है वहां इस शिखर सम्मेलन को आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई (AI) पर भारत का मानव-केंद्रित विजन प्रस्तुत किया और साथ ही जनकल्याण को विकास का पैमाना बताया। इसके अलावा, सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच भी महत्वपूर्ण बैठकें हुईं, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार और पश्चिम एशिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा देखने को मिला ।

जी-7 समिट के दौरान मोदी-ट्रंप की द्विपक्षीय वार्ता हुई जिसमें व्यापार और पश्चिम एशिया जैसे विषय पर चर्चा हुआ
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने, भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते में हुई प्रगति तथा रक्षा, रणनीतिक प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।
पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता पर जोर
MEA ने अपने आधिकारिक बयान साझा करते हुए कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में हो रहे संघर्ष को समाप्त करने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना किया। साथ ही दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने एवं निर्बाध व्यापार सुनिश्चित करने और नाविकों की सुरक्षा के महत्व पर भी साझा चर्चा की।
भारत-अमेरिका कॉम्पैक्ट के तहत प्रगति की हो समीक्षा
MEA के अनुसार, दोनों नेताओं ने फरवरी 2025 में वाशिंगटन डीसी में हुई अपनी पिछली मुलाकात के बाद भारत-अमेरिका कॉम्पैक्ट (सैन्य साझेदारी, त्वरित व्यापार और प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ावा देने की पहल) के तहत हुई उल्लेखनीय प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने रक्षा, रणनीतिक प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और द्विपक्षीय व्यापार के क्षेत्रों में हुई महत्वपूर्ण उपलब्धियों का स्वागत भी किया।
अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति
MEA के तरफ से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में हुई महत्वपूर्ण प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने अपने संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द एक संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभकारी और व्यावसायिक रूप से सार्थक समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करने का निर्देश भी दिया। इसी क्रम में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर अगले सप्ताह भारत का दौरा भी करेंगे।
भारत और अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने तथा दोनों देशों और उनके नागरिकों के पारस्परिक हितों के लिए सभी क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराई है।
पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर साझा की मुलाकात की जानकारी
MEA के बयान जारी करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर राष्ट्रपति ट्रंप से हुई मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि एवियन में उनसे मिलकर खुशी हुई। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की।
मुलाकात पर क्या है विपक्ष की प्रतिक्रिया ?
प्रधनमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस मुलाकात पर अमेरिकी हमले में मारे गए नाविकों पर कोई बात चित न होने पर विपक्ष अब सरकार को घेर रही है । आपको बता दें की हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास अमेरिका द्वारा किए गए एक सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए थे । इस घटना पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है और अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज भी कराया। साथ ही भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो (Marco Rubio) के साथ बातचीत कर कमर्शियल शिपिंग पर इस तरह की जानलेवा कार्रवाई पर चिंता भी व्यक्त की है।
लेकिन इन मुद्दों का जिक्र जी-7 समिट का दौरान हुए भारतीय प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुए द्विपक्षीय वार्ता में इसका कोई जिक्र नहीं किया गया ।