1. Home
  2. others
  3. अमरोहा: एक दुल्हन को लेने पहुंचे दो दुल्हें , पुलिस की मौजूदगी में हुआ निकाह
others

अमरोहा: एक दुल्हन को लेने पहुंचे दो दुल्हें , पुलिस की मौजूदगी में हुआ निकाह

अमरोहा: एक दुल्हन को लेने पहुंचे दो दुल्हें , पुलिस की मौजूदगी में हुआ निकाह

मामला अमरोहा, उत्तर प्रदेश का है जहाँ एक ही दुल्हन से निकाह करने के लिए दो अलग-अलग जगहों से दो बारातें पहुँच गईं। घटना रविवार को अमरोहा कोतवाली क्षेत्र के कैलसा बाईपास स्थित एक बैंक्वेट हॉल में हुई, दो बारात के वहां पहुँचने के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

क्या है पूरा मामला?


रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरा विवाद संभल और मुरादाबाद के दो दूल्हों के बीच फंसा था। दुल्हन की मंगनी पहले मुरादाबाद निवासी एक रिश्तेदार से तय हुई थी। हालांकि, बाद में दोनों परिवारों के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई और रिश्ता टूट गया था। इसके बाद दुल्हन पक्ष ने रिश्ता खत्म कर संभल के एक युवक से शादी तय कर दी थी ।

अमरोहा
अमरोहा

लेकिन पुरानी तारीख के कार्ड पहले ही बंट चुके थे और तैयारियां पूरी हो गयी थीं, इसलिए मुरादाबाद का दूल्हा भी अपना हक जताते हुए गाजे-बाजे के साथ कैलसा बाईपास स्थित बैंक्वेट हॉल पहुँच गया। एक ही समय पर दो अलग-अलग दूल्हों और बारातों को देखकर मौके पर तनाव बढ़ गया और आपस में कहासुनी शुरू हो गई।

पुलिस के हस्तक्षेप से सुलझा विवाद


बैंक्वेट हॉल के बाहर माहौल बिगड़ता देख दुल्हन पक्ष ने तुरंत उप पुलिस को खबर दी। मौके पर जाकर पुलिस ने तीनों पक्षों से बातचीत की और छानबीन के बाद मामले को शांत कराया।मौके के विवाद को ख़त्म करने के लिए दुल्हन की पसंद और उसकी रजामंदी को प्राथमिकता दी गई।

बिना दुल्हन के लौटा पहला दूल्हा


आखिरकार, दुल्हन की सहमति के बाद संभल से आए दूल्हे के साथ निकाह की रस्में सादगी से संपन्न की गईं और शाम को दुल्हन की रुखसती हुई। वहीं, मुरादाबाद से आए पहले दूल्हे को अपनी बारात लेकर बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा।
इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। तीनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया और पुलिस की मौजूदगी में विवाद निपट गया। फिलहाल, शहर में इस ‘फिल्मी’ निकाह की चर्चा हर तरफ हो रही है।

Bikash Kumar Jha
Bikash Kumar Jha
Reporter

No Filter Journal Daily में Subscribe करें

एक ईमेल। छह ज़रूरी खबरें। बिना किसी शोर के — हर सुबह।