प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया है , जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा समय घटकर ढाई घंटे हो जाएगा है। आपको बता दे पहले यह सफर 6.5 घंटे का था जिसको अब पूरा करने में सिर्फ आधा से भी कम समय लगेगा । आधुनिक सुविधाओं और वाइल्डलाइफ कॉरिडोर के साथ यह प्रोजेक्ट कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत करेगा।
एक्सप्रेसवे के प्रमुख बिंदु
दूरी और समय होगा कम : 213 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच की यात्रा का समय 6.5 घंटे से घटकर मात्र ढाई घंटे का सफर रह जाएगा।
कितनी है लागत : इस एक्सप्रेसवे का निर्माण 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया है।
कितने लेन का है यह एक्सप्रेसवे : वर्तमान में यह 6 लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर है, जिसको भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है।
एक्सप्रेसवे के प्रमुख विशेषताएं और आधुनिक सुविधाएं:
- एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर:
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर होना है, जो राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर से गुजरता है वो भी बिना किसी वन्यजीवों के जीवन में प्रभाव के ।
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 8 एनिमल पास, हाथियों के लिए 200-200 मीटर के दो अंडरपास और साथ ही डात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी विशेष टनल भी बनाया गया है ।
- इंफ्रास्ट्रक्चर का अद्भुत नमूना :
5 रेलवे ओवरब्रिज , 10 इंटरचेंज,10 बड़े पुल, 113 अंडरपास और 76 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का निर्माण किया गया है ।
सुरक्षा के लिए 60 से अधिक बस शेल्टर के साथ ही फुट ओवरब्रिज, क्रैश बैरियर, साउंड बैरियर और नाइट रिफ्लेक्टर्स लगाए गए हैं जिससे यात्रा सुगम हो सके ।
- जितनी रफ्तार वैसी सुरक्षा:
इस एक्सप्रेसवे पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का सफल परीक्षण किया जा चुका है।
दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे वाहनों का प्रवेश पर सख्त प्रतिबंधित रहेगा। नियम तोड़ने पर 20,000 रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।

- कनेक्टिविटी:
यह एक्सप्रेसवे कॉरिडोर दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर गीता कॉलोनी, लोनी, बागपत, शामली, देवबंद और सहारनपुर होते हुए देहरादून के आशारोड़ी तक जा रही है ।
- अन्य सुविधाएं:
रास्ते में 12 वे-साइड एमेनिटीज, फूड कोर्ट, पेट्रोल पंप और आधुनिक एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) भी लगाया गया है।
टोल वसूली पूरी तरह फास्टैग (FASTag) आधारित होगी जहाँ TOLL आपको फास्टैग द्वारा भरना अनिवार्य होगा और रास्ते में सोलर पावर पैनल भी लगाए गए हैं।
आपको बता दे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया जहाँ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी मौके पर मौजूद रहें साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वर्चुअल रूप से शामिल हुई जिनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा भी मौजूद रहें।











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