Iran और US के बीच युद्धविराम लागू होने के बाद भी पश्चिम एशिया में तनाव रुकने नहीं रहा है। बीते दिन होर्मुज स्ट्रेट में एक कार्गो जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने फिर एक बार ईरान पर बड़ा हमला किया है। जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ होर्मुज के आसपास मौजूद रडार साइट्स को भी निशाना बनाया। जिसके बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि “हिंसा का जवाब हिंसा से ही मिलेगा।
Iran और US मामले पर क्या कहा अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने
अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने Iran के हमले को देखते हुए और साथ ही अमेरिका के प्रतीकात्मक रवैये को सही ठहराते हुए क्या लिखा जरा ये देखिये ” ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। हमने उसका सम्मान किया है। अगर उन्हें MOU को लागू करने के तरीके को लेकर कोई मतभेद है, तो वे फ़ोन कर सकते हैं।लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से ही दिया जाएगा।”
Iran signed a ceasefire agreement. We have honored it. If they have disagreements about how the MOU is being applied, they can pick up the phone.
But violence will be met with violence. https://t.co/VWnBS1PWaV
— JD Vance (@JDVance) June 26, 2026
डोनाल्ड ट्रंप से जब इस मुद्दे पर पूछा गया उन्होंने कहा समय पर आपको पता चल जायेगा और उसके बाद यह एक्शन देखने को मिला
Reporter: You said that Iran violated the ceasefire. Will they face any consequences?
Trump: You’ll find out.
Reporter: Do you consider the ceasefire to still be in place?
Trump: You’ll find out.
Reporter: What is your message to Iran?
Trump: You’ll find out.
Reporter:… pic.twitter.com/odII1xsq9d
— Acyn (@Acyn) June 26, 2026
US के सेंट्रल कमांड फ़ोर्स का क्या है आधिकारिक बयान
वही US सेंट्रल कमांड ने इसपर अपना बयान जारी करते हुए क्या कहा जरा यह भी पढ़िए ” CENTCOM) की फ़ोर्स ने 26 जून को ईरान के ख़िलाफ़ हमले किए। यह कार्रवाई कल होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुज़र रहे एक कमर्शियल जहाज़ पर हुए हमले के कड़े जवाब के तौर पर की गई।
ईरान ने 25 जून को ‘M/V एवर लवली’ (M/V Ever Lovely) जहाज़ पर एक ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ से हमला किया था, जिसके बाद अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोर करने की जगहों और तटीय रडार साइटों पर हमले किए। हमले के समय, सिंगापुर के झंडे वाला यह कार्गो जहाज़ ओमान के तट के पास होर्मुज़ जलडमरूमध्य से बाहर निकल रहा था।
ईरानी फ़ोर्स की ओर से कमर्शियल शिपिंग के ख़िलाफ़ की गई यह बिना उकसावे की आक्रामकता साफ़ तौर पर सीज़फ़ायर (युद्धविराम) का उल्लंघन थी। इसके अलावा, ईरान के ख़तरनाक व्यवहार ने नेविगेशन की आज़ादी को भी कमज़ोर किया, क्योंकि इस अहम इंटरनेशनल ट्रेड कॉरिडोर से व्यापार काफ़ी ज़्यादा होता है।
CENTCOM की फ़ोर्स जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले कमर्शियल जहाज़ों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए कोऑर्डिनेशन और सपोर्ट देना जारी रखे हुए हैं। अमेरिकी सेना यह पक्का करने के लिए मौजूद और सतर्क है कि ईरान के साथ हुए समझौते के सभी पहलुओं का पालन हो और वे पूरी तरह लागू रहें। ”

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