कॉकरोच जनता पार्टी’ का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है , आपको बता दे यह मामला मुख्य न्यायधीश (CJI) सूर्य कांत द्वारा कोर्ट रूम में की गई एक हालिया मौखिक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था।
देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) की मौखिक टिप्पणियों को सोशल मीडिया पर तोड़-मरोड़ कर पेश करने और कथित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janta Party) का मामला अब कानूनी रूप लेता नजर आ रहा है। इस पूरे प्रकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है, जिसमें मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR दर्ज करने और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की गई है।

मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था विवाद
यह याचिका वकील राजा चौधरी द्वारा दायर की गई है। याचिका के अनुसार, यह पूरा विवाद भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत द्वारा कोर्ट रूम में की गई एक हालिया मौखिक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ। इस टिप्पणी को आधार बनाकर सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक ऑनलाइन अभियान और मीम ट्रेंड चलाया गया।

याचिका में की गई मुख्य मांगें:
CBI करें पुरे मामले की जांच : याचिकाकर्ता ने कथित फर्जी वकीलों, नकली लॉ डिग्री रैकेट और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से चलाए जा रहे गिरोह की संदिग्ध गतिविधियों की CBI से निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।
डिजिटल कंटेंट पर हो कार्रवाई: अदालत की मौखिक टिप्पणियों को काट-छांट कर (Context से बाहर) वायरल करने, मीम्स बनाने और उससे आर्थिक लाभ (Monetization) कमाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग की गई है।
सर्वोच्च न्यायालय की गरिमा पर सवाल: याचिका में तर्क दिया गया है कि न्यायपालिका की गरिमा को सोशल मीडिया पर इस तरह ठेस पहुंचाना और फर्जी डिग्रियों के सहारे वकालत करना न्याय व्यवस्था के लिए एक गंभीर खतरा है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच बेहद जरूरी है।