बंगाल में सियासी बदलाव के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सुरक्षा को लेकर मामला तुल पकड़ते नज़र आ रहा है जिसको लेकर तृणमूल कांग्रेस भाजपा को घेरते नज़र आ रहे है और दोनों तरफ से तेज़ी बयान बाजी भी चल रही है। ममता के करीबी सांसदों ने आरोप लगाया है कि दीदी अर्थात ममता बनर्जी के पुराने सुरक्षाकर्मियों को हटाकर उन्हें खतरे में डाला जा रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ किया है कि सिक्यूरिटी ऑफिसर पुलिस तय करेगी।
ममता बनर्जी के सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री से मिले ममता के करीबी
मामला पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों को हटाकर नये सुरक्षाबल की तैनाती की गयी है. इससे खुद ममता बनर्जी और उनकी तृणमूल पार्टी दोनों नाराज हैं। ममता के करीबी नेताओं ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात कर बंगाल की पूर्व चीफ मिनिस्टर के मनपसंद अधिकारियों को सुरक्षा में लगाये जाने का आग्रह किया, जिसे सीएम सुवेंदु अधिकारी ने खारिज कर दिया। सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस जिस अधिकारी को चाहे, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में लगा सकती है. उन्हें अपनी पसंद का अधिकारी नहीं मिल सकता है ।

ममता के करीबी नेता ने कहा – राजनीतिक प्रतिशोध की भावना का निचला स्तर पर भाजपा
तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के भाजपा सरकार पर जुबानी हमला करते हुए कहा की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटाये जाने का आरोप लगाते हुए कहा की राजनीतिक प्रतिशोध की भावना का नया निचला स्तर है ।
आपको बता दें ममता बनर्जी को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। लगातार पिछले 15 साल तक पश्चिम बंगाल पर शासन करने वाली पूर्व चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी की सुरक्षा-व्यवस्था से किसी कर्मी को हटाये जाने या उसकी जगह किसी अन्य को तैनात किये जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है ।
टीएमसी का आरोप : पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को खतरे में डालने की सोची-समझी कोशिश
तृणमूल कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा की – पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में लंबे समय से तैनात कर्मियों को हटाना कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है , बल्कि उन्हें अलग-थलग करने और खतरे में डालने की एक सोची-समझी कोशिश है । तृणमूल पार्टी ने कहा कि इनमें से कुछ सुरक्षाकर्मी बनर्जी के रेल मंत्री रहने के समय से उनकी सुरक्षा में तैनात थे।
तृणमूल सांसद डेरेक ओब्रायन बोले- रात भर दीदी के घर के बाहर नहीं था कोई सुरक्षाकर्मी
पिछले कुछ दिनों से पार्टी से सांसद छोड़ने की कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री के वफादार सांसदों में शामिल तृणमूल नेता एवं राज्यसभा सदस्य डेरेक ओब्रायन ने कहा की – ममता बनर्जी की सुरक्षा में 20 वर्ष से तैनात निजी सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) को उनके कोलकाता स्थित आवास से हटा दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि बुधवार रात उनके कालीघाट स्थित आवास के प्रवेश द्वार पर कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था।
डेरेक ओब्रायन के साथ सागरिका घोष ने भी उठायी सुरक्षा को लेकर आवाज़
राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने ‘एक्स’ पर लिखा कि पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा राजनीति का विषय नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल सरकार की संस्थागत जिम्मेदारी है. घोष ने इसे ‘बदले की राजनीति’ बताते हुए सवाल किया- दीदी की सुरक्षा में लंबे समय से तैनात कर्मियों को अचानक क्यों हटा दिया गया और क्या देर रात उन्हें सुरक्षा के बिना रखा गया?
इस कड़ी में शामिल हुई महुआ मोइत्रा
महुआ मोइत्रा ने अपने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पश्चिम बंगाल: तृणमूल सांसद महुआ ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों के हटने के बाद भाजपा सरकार ममता बनर्जी को “अपमानित” कर रही है।
इस तरह तीन बार की मुख्यमंत्री और 7 बार सांसद रह चुकी पश्चिम बंगाल कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बीजेपी की बेशर्म और बदले की भावना रखने वाली सरकार अपमानित और उनकी जान खतरे में डाल रही है। वहीं दूसरी ओर, मोहन भागवत हमारे पैसे पर XYZ+++ सुरक्षा और सैकड़ों कमांडो गाड़ियों का आनंद ले रहे हैं।