उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनके पिता बाल ठाकरे द्वारा स्थापित एवं अविभाजित शिवसेना (Shiv Sena) ने तीन दशकों तक कांग्रेस का विरोध किया था, लेकिन उसने कभी भी दूसरे पार्टी को नष्ट करने या उस पर कब्जा करने का प्रयास नहीं किया “जिस तरह भाजपा ने किया था”। उद्धव ठाकरे(Uddhav Thackeray) की यह टिप्पणी अमित शाह(Amit shah) के कोल्हापुर में दिए गए भाषण के अगले ही दिन यह बयान सामने आया है । उद्धव ठाकरे ने यह दावा किया है कि भाजपा की शुरुआती वर्षों में राजनीतिक प्रासंगिकता बहुत ही कम थी और उनके पिता द्वारा स्थापित अविभाजित शिवसेना ने ही पार्टी को अपना आधार बढ़ाने में मदद किया था।
शिवसेना (यूबीटी) के भीतर असंतोष की अटकलों के बीच, अभी भी उद्धव ठाकरे ने यह स्पष्ट किया है कि वह बेफिक्र हैं और उनका मनोबल नहीं गिरा है।

ठाकरे ने अपने बातों को रखते हुए अमित शाह के टिप्पणी पर स्पष्ट कह दिया की उनकी शिवसेना ही असली शिवसेना है।
आपको बता दें शिवसेना में टूट थमने का नाम नहीं ले रही है । पहले ही शिवसेना दो गुट में बंटी हुई है और अब 6 शिवसेना (यूबीटी) के बागी 6 लोकसभा संसद की टूट की खबर आ रही है । ऐसे समय में उद्धव ठाकरे का मनोबल नहीं गिरना और उनका बेफिक्र होना अपने आप में बड़ी बात है ।

6 शिवसेना (यूबीटी) के बागी लोकसभा संसद आज होंगे शिंदे की शिवसेना में शामिल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 6 शिवसेना (यूबीटी) के बागी संसद आज 3 बजे शिंदे की शिवसेना में विलय कर सकते है ।
यह पूरा घटनाक्रम बागी सांसदों में से दो सांसद , नागेश पाटिल अष्टिकर और ओमप्रकाश राजे निंबालकर द्वारा रविवार को शिंदे खेमे में शामिल होने के अपने फैसले की सार्वजनिक रूप से पुष्टि करने के बाद सामने आया है।