बांदा जिले में पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में एक नाबालिग लड़की के शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज भेजा है। यह कार्रवाई मृतका की मां द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद की गई है।
बांदा जिले के गिरवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक ऐसी घटना सामने आयी है जो इंसानी संवेदनाओं और सामाजिक दबाव के अंतर्विरोधों को खोलकर इस समाज के सामने रख दिया है |
एक लड़की जिसका शव उसके ही घर में ही बरामद हुआ था और उसे बिना किसी कानूनी औपचारिकता के या यूँ कहें बिना किसी पोस्टमॉर्टेम के दफ़न कर दिया गया |
घटना के शुरुआत में इस मामले को आत्महत्या के तौर पर देखा जा रहा था लेकिन अब मृतका की माँ ने अपने ही गांव के एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए है जिससे इस मामले में एक नयी मोड़ आयी है |

क्या है पूरा मामला ?
बांदा के गिरवां थाना क्षेत्र का मामला है। जहाँ कुछ दिन पहले गांव में यह खबर फैली कि एक युवती ने अपने ही घर में खुदकुशी कर लिया है। घटना के दिन जब पुलिस मौके पर गांव पहुंची, तो स्थानीय निवासी और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को एक अलग कहानी बताया। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवती का गांव के ही एक अपने ही जाति के युवक के साथ प्रेम प्रसंग या मेल-जोल था। और साथ यह भी जानकारी दी गयी कि घटना वाले दिन लड़की की मां ने अपनी बेटी को उस युवक के साथ ‘आपत्तिजनक’ स्थिति में देख लिया था।
सामाजिक लोकलाज और गुस्से के कारण मां ने अपनी बेटी और उस युवक को काफी डांट-फटकार लगाई थी। ग्रामीणों का प्रारंभिक दावा था कि अपनी मां की इस डांट और लोकलाज के डर से लड़की ने खुदशी जैसा बड़ा कदम उठाया।
जहाँ मिलना था न्याय वही समाज ने दबाया शव
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली कड़ी यह रहा कि लड़की की मौत के बाद पुलिस को तफ्तीश करने की जगह या यूं कह ले पोस्टमॉर्टेम करने की बजाय , परिजन और समाज के साथ शव को चुपचाप दफना दिया । मृत लड़की के माँ ने अब स्वीकार किया है जब यह घटनाक्रम हो रहा था तब वो गहरे सदमे में थी और गांव वालों के बार बार समझाने और समाज के दबाव के कारण उन्होंने अपने बेटी को बिना पोस्टमॉर्टेम कराए ही मिट्टी में दफ़न कर दिया ।
आपको बता दें ग्रामीण परिवेश में अक्सर ऐसा होता है कि इज्जत के नाम पर ऐसे मामले पुलिस कचहरी से दूर रखने कि कोशिश कि जाती है जो हमें इस मामले में भी देखने को मिला |
अब क्या है माँ के आरोप ?

अब घटना के कुछ दिनों बाद माँ पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर दुख और पश्चाताप से भरी माँ ने न्याय की गुहार लगाई। अब माँ ने अपने प्रारंभिक कहानी बदलते हुए गांव के उसी लड़के पर आरोप लगाए है ।
मां ने अपने दावे में कहा है कि: वो युवक उसकी बेटी को काफी समय से डरा-धमका कर रखता था और उसे परेशान कर रहा था ।
दुष्कर्म का आरोप: मां ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी युवक ने उसकी बेटी को जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया।
माँ ने कहा आत्महत्या नहीं, हत्या: अब ऐसे में माँ का मानना है कि उनकी बेटी ने कोई आत्महत्या नहीं की थी , बल्कि उस युवक ने ही उसकी हत्या की है। माँ ने पुलिस से गुहार की है कि उनकी बेटी को न्याय दिलाने के लिए मामले की गहराई से जांच किया जाये ।
प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई:
मृतका की मां की शिकायत और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए बांदा के पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चूंकि शव को पहले ही दफनाया जा चुका है, इसलिए अब वैज्ञानिक साक्ष्यों की आवश्यकता पड़ेगी जिससे जांच हो सके ।
शव को बाहर निकालने का आदेश: मां की मांग पर, पुलिस ने जिलाधिकारी (DM) से शव को कब्र से बाहर निकालने (Exhumation) की अनुमति दे दी है। कानूनी प्रक्रिया के अनुसार, कार्यपालक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शव को बाहर निकाला गया है और साथ ही साथ हॉस्पिटल जांच के लिए भेज दिया गया है ।
पोस्टमार्टम प्रक्रिया: बांदा जिले में पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में नाबालिग लड़की के शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज भेजा है।
जांच का दायरा: पुलिस अब न केवल उस युवक से पूछताछ करेगी, बल्कि उन ग्रामीणों की भूमिका की भी जांच कर सकती है जिन्होंने बिना कानूनी प्रक्रिया के शव को दफनाने के लिए परिवार पर दबाव बनाया था।










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