सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव केवल भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक प्रक्रिया है। मार्च 2026 के वर्तमान स्थिति में, इन धातुओं के दाम तय करने के तरीकों और हाल ही में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अहम् कारण हैं। जिनको हम विस्तार से समझेंगे |
कैसे तय होता है सोने चांदी का रेट ?

भारत में सोने चांदी का रेट मूल रूप से तीन स्तर पर तय होता है –
1 . INTERNATIONAL MARKET यानि अंतराष्ट्रीय बाजार
LBMA अर्थात London Bullion Market Association जो एक ऐसा एसोसिएशन है जो दुनिया भर के लिए सोने का बेंचमार्क तैयार करता है | यहाँ रेट तय करने की जो प्रक्रिया है वह दिन में दो बार (AM और PM Fix) के द्वारा नीलामी का रेट तय होता है |

डॉलर का प्रभाव : अगर हम बात करें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना खरीदने या बेचने की तो सोने चांदी डॉलर में ख़रीदे या बेचे जाते है | इसलिए आपने कई बार देखा होगा जब डॉलर महंगा होता है तो सोने और चांदी के दाम बढ़ता है |
आइये अब हम समझते है की भारत में कैसे होते है सोने चांदी के रेट अब तक तो हमने सिर्फ अंतराष्ट्रीय बाजार को समझा है |
भारत में MCX (Multi Commodity Exchange)
भारत में Multi Commodity Exchange यानि वायदा बाजार पर होने वाली ट्रेडिंग घरेलू कीमतों को दिशा देती है। इसे समझने का एक साधारण फार्मूला है |
भारत में कीमत तय करने का फार्मूला =अंतरराष्ट्रीय कीमत(SILVER / GOLD ) x (डॉलर-रुपया विनिमय दर) + कस्टम ड्यूटी + GST
SEBI के नए नियम 2026 के अनुसार, अब सोने और चांदी ETFs के लिए घरेलू स्टॉक एक्सचेंज के ‘spot price’ (हाजिर भाव) का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कीमतों में अधिक पारदर्शिता आई है।
हर शहर में एक ज्वेलर्स स्थानीय एसोसिएशन होता है जो अंतरराष्ट्रीय भाव और स्थानीय मांग को देखते हुए सुबह शाम रेट जारी करते है आपके जानकारी के लिए एक ज्वीलेर्स एसोसिएशन का नाम साझा करता हूँ IBJA – Indian Bullion and Jewellers Association यह एक ज्वेलर्स एसोसिएशन है |

2 .अब क्यों गिर रहे है सोने चांदी के दाम ?
हाल ही में सोने के रेट में काफी तेज़ी से गिरावट दिखी है जिसका आंकड़ा आप सभी को पता है लेकिन इसके पीछे कारण क्या है यह जानना काफी जरूरी है

पहला कारण है DOLLAR के इंडेक्स में उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच इस तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने सोने के बजाय सुरक्षित निवेश के रूप में ‘अमेरिकी डॉलर’ को चुना है। डॉलर अपने रिकॉर्ड स्तर पर है, जिससे सोना के रेट कम हो रहे है।
दूसरा कारण है ब्याज दरों की उम्मीदें
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती न करने के संकेतों ने सोने की भाव कम कर दी है। जब ब्याज दर में उछाल होता है , तो निवेशक सोने (जो कोई ब्याज नहीं देता) के बजाय बॉन्ड्स में पैसा लगाना शुरू कर देते हैं।
तीसरा कारण यह भी है की लोग पिछले साल 2025 में सोने और चांदी की जबरदस्त रिटर्न देखने को मिला था और अब बड़े निवेशक अपना मुनाफा बुक करने के लिए व्यापर कर रहे हैं, जिससे बाजार में दबाव बढ़ गया है।
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी उछाल देखने को मिली है इससे महंगाई बढ़ने का डर है जिसके जवाब में सेंट्रल बैंक ब्याज दरें और बढ़ा सकते हैं, जो सोने के लिए काफी नकारात्मक है।

उम्मीद है की आप इस आर्टिकल से सोने चांदी के भाव को विस्तार में समझ लिया होगा ऐसे ही और कंटेंट के लिए हमारे वेबसाइट से जुड़े रहे जहाँ आपके साथ और ताज़ा जानकारी हम साझा करते रहेंगे |
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