भारतीय मूल के और नासा के अंतरिक्ष यात्री Anil Menon और दो रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने कजाकिस्तान से सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान में सवार होकर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए आठ महीने के मिशन के लिए अपनी उड़ान भरी।
Anil Menon और रूसी अंतरिक्ष यात्रियों प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना को ले जाने वाला रोस्कोस्मोस अंतरिक्ष यान भारतीय समयानुसार रात 8:17 बजे बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से रवाना हुआ है ।

स्टेशन तक दो परिक्रमाओं वाली तीन घंटे की यात्रा के बाद, अंतरिक्ष यान स्वचालित रूप से भारतीय समयानुसार रात 11:56 बजे प्रिचल मॉड्यूल से जुड़ जाएगा। आपको बता दें यह पूरी टीम वहां करीब आठ महीने बिताएगी और साल 2027 में धरती पर वापस लौटेगी।
.@NASA astronaut Anil Menon and Roscosmos cosmonauts Pyotr Dubrov and Anna Kikina lifted off atop the Soyuz MS-29 spacecraft at 10:47 a.m. EDT today for a 1:56 p.m. docking to the International Space Station. More… https://t.co/OgfE3jFh0Y pic.twitter.com/D0IWMdUbZP
— International Space Station (@Space_Station) July 14, 2026
भारतीय मूल के Anil Menon अंतरिक्ष में क्या काम करेंगे ?
आठ महीने के इस मिशन के दौरान, Anil Menon कई अहम वैज्ञानिक रिसर्च और प्रयोग करेंगे। उनका मुख्य ध्यान इस बात पर रहेगा कि इंसानी शरीर अंतरिक्ष के माहौल में खुद को कैसे ढालता है। इसके लिए वे शरीर में रक्त संचार (ब्लड सर्कुलेशन), नसों की संरचना और खून में आने वाले बदलावों पर स्टडी करेंगे।
इसके साथ ही, वे अंतरिक्ष स्टेशन में मौजूद पीने के पानी से ग्लूकोज या सलाइन (मेडिकल फ्लूइड) तैयार करने की एक नई तकनीक का भी ट्रायल करेंगे। यह तकनीक आने वाले समय में चंद्रमा और मंगल ग्रह के लंबे अंतरिक्ष मिशनों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी।

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