कर्नाटक के मुख्यमंत्री D. K. Shivakumar ने PM मोदी को पत्र लिखकर सूखे जैसे हालात का जायज़ा लेने के लिए केंद्रीय टीम भेजने की मांग की है । उन्होंने बारिश में भारी कमी और खेती, जल संसाधनों और ग्रामीण आजीविका पर इसके बढ़ते असर का हवाला दिया है।
पत्र में मुख्यमंत्री D. K. Shivakumar ने कहा कि 11 जुलाई तक कर्नाटक में सामान्य 292 मिमी के मुकाबले सिर्फ़ 203 मिमी बारिश हुई है, जो 30 प्रतिशत की कमी है। उन्होंने बताया कि राज्य के 31 में से 18 ज़िलों और 240 में से 141 तालुकों में बारिश की कमी या भारी कमी दर्ज की गई है। साथ ही, मॉनसून में देरी और अनियमित बारिश ने खरीफ़ की बुआई पर बुरा असर डाला है; मौसमी लक्ष्य 84.10 लाख हेक्टेयर के मुकाबले सिर्फ़ 28.36 लाख हेक्टेयर में बुआई हो पाई है।
मुख्यमंत्री D. K. Shivakumar ने जलाशयों में घटते जलस्तर पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई तक राज्य के 14 प्रमुख जलाशयों में पानी का भंडार सिर्फ़ 303 TMC था, जो उनकी कुल क्षमता का 34 प्रतिशत है।


यह बताते हुए कि कर्नाटक देश में दालों, खासकर अरहर का सबसे बड़ा उत्पादक है, उन्होंने चेतावनी दी कि उत्पादन में गिरावट से दालों की उपलब्धता और कीमतों पर राष्ट्रीय स्तर पर असर पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री D. K. Shivakumar ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही फ़सल से जुड़ी सलाह जारी कर चुकी है, ज़िले के हिसाब से आपातकालीन योजनाएँ बना चुकी है और जलाशयों के पानी को पीने के मक़सद के लिए प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने केंद्र से ज़मीनी स्तर पर जायज़ा लेने के लिए एक टीम भेजने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समय पर मिलने वाली मदद से सूखे जैसे हालात से निपटने की राज्य की कोशिशें मज़बूत होंगी और किसान समुदाय को भरोसा मिलेगा।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री D. K. शिवकुमार ने चिट्ठी अपने सोशल मीडिया पर की जारी
कर्नाटक के मुख्यमंत्री D. K. शिवकुमार ने चिट्ठी अपने सोशल मीडिया पर चिट्ठी को पोस्ट करते हुए कहा कि ” मैंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कर्नाटक में सूखे जैसे हालात को देखते हुए तुरंत दखल देने का अनुरोध किया है।
राज्य में मॉनसून की बारिश में काफी कमी आई है, खरीफ की बुवाई में देरी हुई है, जलाशयों में पानी का स्तर कम है और खेती, पीने के पानी और ग्रामीण आजीविका पर दबाव बढ़ रहा है।
हालांकि कर्नाटक सरकार ने पहले ही आपातकालीन उपाय शुरू कर दिए हैं और जल संरक्षण को प्राथमिकता दी है, फिर भी मैंने केंद्र से अनुरोध किया है कि वे ज़मीनी हालात का जायजा लेने के लिए एक केंद्रीय टीम भेजें और हमारे किसानों की मदद करने तथा राज्य के सूखा-निवारण प्रयासों को मजबूत करने के लिए समय पर सहायता प्रदान करें।
इस मुश्किल समय में हम प्रभावित हर किसान और हर परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।
I have written to Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi seeking urgent intervention in view of the emerging drought situation in Karnataka.
The State has recorded a significant monsoon deficit, delayed kharif sowing, low reservoir storage and increasing stress on… pic.twitter.com/C6TG0lFUjI
— DK Shivakumar (@DKShivakumar) July 14, 2026
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