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Gujarat ATS की बड़ी कारवाही जैश के 8 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

Gujarat ATS की बड़ी कारवाही जैश के 8 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

Gujarat ATS ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 8 संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। Gujarat ATS के मुताबिक ये आरोपी सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित कर रहे थे, उन्हें जैश-ए-मोहम्मद से जोड़ने का प्रयास कर रहे थे और गुजरात में संगठन का नेटवर्क तैयार करने में जुटे थे। जांच में पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर्स के संपर्क, आतंकी साहित्य और डिजिटल सबूत भी मिले हैं। इस पूरे मामले पर गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने भी बड़ा खुलासा किया है।

Gujarat ATS को काफी समय से इनपुट मिल रहे थे कि राज्य में कुछ लोग प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। इसके बाद एटीएस ने तकनीकी निगरानी, ह्यूमन इंटेलिजेंस और डिजिटल सर्विलांस के जरिए पूरे नेटवर्क पर नजर रखी। जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे थे।

Gujarat ATS

Gujarat ATS की अलग-अलग टीमों ने बनासकांठा, मेहसाणा, पाटण, नवसारी और मध्य प्रदेश के देवास में एक साथ छापेमारी कर कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि आरोपियों ने गुजरात जैश-ए-मोहम्मद के नाम से एक नेटवर्क तैयार किया था। उनका मकसद ज्यादा से ज्यादा युवाओं को संगठन से जोड़ना और गुजरात में आतंकी विचारधारा का विस्तार करना था।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पाकिस्तान में बैठे जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर्स के संपर्क में थे। वे संगठन के प्रमुख मसूद अजहर के भाषण, किताबें और अन्य कट्टरपंथी सामग्री को गुजराती भाषा में अनुवाद कर लोगों तक पहुंचा रहे थे। इतना ही नहीं, नए सदस्यों की भर्ती के लिए ऑनलाइन अभियान भी चलाया जा रहा था।छापेमारी के दौरान एटीएस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।

जांच में Nord Locker एप से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 250 से अधिक दस्तावेज, फोटो, वीडियो और ऑडियो फाइलें मिलीं। इसके अलावा पाकिस्तान में प्रकाशित किताबें, मसूद अजहर का साहित्य, संगठन से जुड़ने के लिए तैयार किए गए ड्राफ्ट लेटर और गुजराती में अनुवादित कट्टरपंथी सामग्री भी जब्त की गई है।

Gujarat ATS की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों को आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए करीब 3 लाख रुपये की फंडिंग मिली थी। एजेंसी अब इस फंडिंग के स्रोत, विदेशी कनेक्शन और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोग गुजरात या देश के दूसरे राज्यों में सक्रिय तो नहीं हैं। गुजरात एटीएस ने सभी आठ आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम यानी UAPA की विभिन्न धाराओं और भारतीय न्याय संहिता BNS की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एटीएस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Gujarat ATS की इस कार्रवाई को राज्य में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। डिजिटल सबूत, पाकिस्तान कनेक्शन और भर्ती मॉड्यूल के खुलासे के बाद जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं। फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और एटीएस को उम्मीद है कि इस मामले में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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Bikash Kumar Jha
Bikash Kumar Jha
Reporter

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