तृणमूल कांग्रेस और अभिषेक बनर्जी के मुश्किलें थमने की नाम नहीं ले रही है आपको बता दे कि भाजपा नेता आकाश विजयवर्गीय को कथित रूप से ‘गुंडा’ कहने वाले मामले में टीएमसी के सांसद अर्थात अभिषेक बनर्जी को फिर से एक बार बड़ा झटका लगा है। मध्यप्रदेश के हाईकोर्ट ने उनके गिरफ्तारी वारंट पर लगी अंतरिम रोक को निरस्त करते हुए आदेश की प्रति तत्काल ट्रायल कोर्ट को भेजने के निर्देश दे दिए हैं।

क्या है मामला ?
साल 2020 में कोलकाता के एक राजनीतिक रैली के दौरान अभिषेक बनर्जी ने भाजपा नेता आकाश विजय वर्गीय को कथित रूप से गुंडा कहा था जिसको लेकर आकाश विजयवर्गीय ने एमपी-एमएलए कोर्ट का रुख किया था।
12 नवंबर साल 2025 को अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक भी लगा दी गयी थी । लेकिन अब हाईकोर्ट ने उस राहत को समाप्त करते हुए अंतरिम स्थगन आदेश रद्द कर दिया है।

ऐसा आदेश क्यों ?
आठ मई को हुई सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी के वकील उपस्थित नहीं हुए जिसपर अदालत ने नाराजगी जताई और स्पष्ट रूप से चेतावनी दे दिया कि अगली तारीख पर बहस नहीं होने पर अंतरिम राहत जारी नहीं रहेगी।
बीते दिन हुई सुनवाई के दौरान तृणमूल संसद अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई अधिवक्ता कोर्ट परिसर में उपस्थित नहीं हुआ । पासओवर के बाद भी जब कोई अभिषेक बनर्जी का पक्षकार अदालत में पेश नहीं हुआ तो हाईकोर्ट ने अपने बात को रखते हुए याचिका खारिज की और गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक समाप्त कर दी।