भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Modi ) ने आज अपने सोशल मीडिया X पर आपत्काल को लेकर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि संविधान हत्या दिवस आज हमें उस काले दौर की याद दिला रहा है, जब भारतीय लोकतंत्र को बुरी तरह से कुचला गया था।
PM Modi ने क्या लिखा अपने पोस्ट में ?
PM Modi ने अपने सोशल मीडिया पर लिखते हुए कहा कि ” आज हम उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने भारत के इतिहास के सबसे काले दौर में से एक, यानी ‘आपातकाल’ (Emergency) के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की मज़बूती से रक्षा की।
आपातकाल हमारे संविधान पर सीधा हमला था। इस दौरान नागरिक स्वतंत्रताएँ छीन ली गईं, अभिव्यक्ति की आज़ादी पर रोक लगाई गई, राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों और समाज सेवकों को गिरफ़्तार किया गया और उन संस्थाओं पर हमला किया गया जो हमारे लोकतंत्र की नींव हैं।
साथ ही, इसने उन अनगिनत नागरिकों के असाधारण साहस को भी दिखाया जिन्होंने चुप रहने से इनकार कर दिया और हमारे संविधान में निहित आदर्शों को बनाए रखा।
हम सभी के लिए, हमारा संविधान 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं, अधिकारों और कर्तव्यों का प्रतीक है। हम संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। अपने संविधान की भावना से प्रेरित होकर, हम एक ऐसा भारत बनाएंगे जो न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के प्रति हमेशा प्रतिबद्ध रहे।”
Today, we pay homage to all those who steadfastly defended democratic values during one of the darkest chapters in India’s history, the Emergency.
The Emergency was a direct assault on our Constitution. It witnessed the suspension of civil liberties, curbs on freedom of…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 25, 2026
क्या है आपातकाल ?
25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पूरे भारत में राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया, जो मार्च 1977 तक 21 महीनों तक चला।इस दौर में नागरिक स्वतंत्रताएँ छीन ली गई थीं, प्रेस पर कड़ी सेंसरशिप लागू थी और राजनीतिक विरोधियों को बड़े पैमाने पर गिरफ़्तार किया गया था। भारत सरकार ने इस दौर की याद में 25 जून को आधिकारिक तौर पर ‘संविधान हत्या दिवस’ घोषित किया।
इसके लिए भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की कई बार भाजपा सरकार ने आलोचना भी की वही प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार विपक्ष को आपातकाल पर घेरा भी है ।

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