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हाथरस में Yogi Adityanath ने दिया अखिलेश को चुनौती , कहा मथुरा कृष्ण मंदिर आंदोलन चलाने को लेकर खुलकर बोलो

हाथरस में Yogi Adityanath ने दिया अखिलेश को चुनौती , कहा मथुरा कृष्ण मंदिर आंदोलन चलाने को लेकर खुलकर बोलो

रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath  हाथरस पहुंचे जहाँ उन्होंने ₹548 करोड़ लागत की विभिन्न लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में भाग लिया वहां Yogi Adityanath ने अखिलेश यादव द्वारा दिए गए बयान पर तंज कस्ते हुए कहा ” अगर सचमुच अपने को धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हो, तो मथुरा वृंदावन पे खुलकर के बोल दीजिए। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर के बोल दीजिए। और बोलिए ना कि श्री राम जन्मभूमि मुक्ति के आंदोलन की तर्ज पर ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए।”

क्या था अखिलेश यादव का बयान ?

अखिलेश यादव ने अयोध्या को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा था कि ” हम धर्मनिष्ठता और सत्यनिष्ठता के साथ ये संकल्प लेते हैं कि नई सरकार बनाकर ‘अयोध्या’ को एक ऐसी अनुपम-अनुकरणीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेंगे, जहाँ विश्व भर से आए श्रद्धालु सच्ची आध्यात्मिकता की अद्वितीय अनुभूति करेंगे।
प्रभु के आशीर्वाद के साथ, हम अयोध्या के सनातन मान को आस्था-श्रद्धा, अखंड विश्वास और सच्ची भावना के ‘सियाराम-धाम’ के रूप में पुनर्स्थापित और पल्लवित करेंगे।
इससे अयोध्यावासियों के भी परंपरागत गौरवभान और अधिकारों को पुन: स्थापित करेंगे।”

इसपर Yogi Adityanath ने पलटवार करते हुए क्या कहा ?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने इस मुद्दे पर पलटवार करते हुए कहा कि ” मैं कल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष, श्री अखिलेश यादव जी का एक बयान पढ़ रहा था। वो कह रहे थे कि उनकी सरकार आएगी, तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएगी। अरे, आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे? आपने तो अपना इतिहास देखिए। राम भक्तों पर गोली आप ही के लोगों ने चलाई थी, आप ही की सरकार ने चलाई थी, समाजवादी पार्टी की सरकार ने।

आज जब राम भक्तों के परिश्रम और पुरुषार्थ से, प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या अब त्रेता युग का स्मरण करा रही है, तो आपके मुंह में भी पानी आने लग गया है।

अरे, भूल जाओ! आपने तो थानों में और जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन को भी रोक दिया था। कांवड़ यात्रा पे प्रतिबंध लगा दिया था।

आज जब हमारे जनप्रतिनिधि कह रहे थे ना कि हाथरस में 22 से ज्यादा मंदिरों का सुंदरीकरण हुआ, क्या ये समाजवादी पार्टी के समय में संभव था क्या? उनके समय में नहीं था क्योंकि उस समय ये पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल के लिए जाता था और वही तो हमने मंदिरों की तरफ डाइवर्ट किया है। वही पैसा हमने इधर भेजा है कि कब्रिस्तान की आवश्यकता नहीं, मंदिर आस्था के केंद्र हैं।

अखिलेश जी, अयोध्या को तो राम भक्तों ने सजा और संवार दिया है। आप उसकी चिंता मत करिए, पश्चाताप करिए। एक बार रामलला का दर्शन कर लीजिए। कम से कम इसी से और सद्बुद्धि आएगी। और अब तैयारी करिए कि हम कृष्ण कन्हैया के लिए भी कुछ कर सकें।

अब मथुरा की बात करिए। अगर सचमुच अपने को धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हो, तो मथुरा वृंदावन पे खुलकर के बोल दीजिए। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर के बोल दीजिए। और बोलिए ना कि श्री राम जन्मभूमि मुक्ति के आंदोलन की तर्ज पर ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए।

भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए। हमारी सरकार वहां श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने का कार्य कर रही है। युद्ध स्तर पर हम प्रयास कर रहे हैं। लेकिन आप में हिम्मत नहीं क्योंकि आप तो मुल्ला और मौलवियों के सामने घुटने टेकने के सिवाय आपके पास कोई ऐसा एजेंडा नहीं जो प्रदेश के विकास के लिए हो, अयोध्या, मथुरा या काशी के उत्थान के लिए हो, उनकी पहचान को, पौराणिक पहचान को बनाए रखने के लिए हो।

Yogi Adityanath

यह धूल झोंकने का काम मत करो। ये “खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे” वाली कहावत को चरितार्थ मत करो। अयोध्या अपनी पहचान के लिए आप पर मोहताज नहीं है। अयोध्या की अपनी पहचान है और अयोध्या ने अपनी पहचान को दुनिया के अंदर फिर से बनाया हुआ है। ”

आपको बता दें यह जुबानी जंग भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है । माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को चुनाव में वोट बैंक के लिए इस्तेमाल करेंगे ।

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Bikash Kumar Jha
Bikash Kumar Jha
Reporter

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