आज शाम करीब शाम 6 बजकर 20 मिनट पर Ram Mandir Trust की बैठक खत्म हुई आपको बता दें इस Ram Mandir Trust की बैठक में अनिल मिश्रा और चंपत राय मौजूद नहीं थे और उन्होंने अपना इस्तीफा सौप दिया था जिसके बाद राम मंदिर ट्रस्ट की आज मीटिंग थी।
Ram Mandir Trust के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी जी ने क्या कहा ?
हमारी जो बैठक 11 जुलाई को होनी थी उसको हमने जितना जल्दी हो सके करने की कोशिश की और आज 6 जुलाई को आज बैठक संपादित किया। उन्होंने कहा हम सभी को सबसे बड़ा दुःख यह था की जिस परिस्थिति का सामना आज समाज को करना पड़ रहा है यह वेदना दायक है ।
भगवान श्री रामलला का मंदिर 500 वर्षों के बाद अनगिनत बलिदान के पश्चात बना इसके लिए लोगों ने अपने प्राणो की परवाह नहीं किया और उस मंदिर के बनने के पश्चात यह चढ़ावा चोरी का कांड हुंडी के दान पत्रों के क्षेत्र में गिनिती के समय हुआ है यह हम सभी के लज्जया जनक है हम दुखी है।
आपको बता दें अपनी बात रखते समय कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी जी भावुक भी हुए।
Ram Mandir Trust द्वारा चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर
महामंत्री के नाते काम करने वाले हमारे चंपत राय जी को बड़ी वेदना हुई और उनको लगा की जब तक सारा न्याय ठीक से हो नहीं हो जाता है अपराधी पकडे नहीं जाते और उनको उचित दंड नहीं मिल जाता है तब तक हम लोगों को वहां पर बने रहना ठीक नहीं लगता है जिसको मान्य करना न करना हमारे हाथ में नहीं था। त्यागपत्र देते ही उनका इस्तीफा स्वीकृत माना गया। अगली वेवस्था के लिए हम कटिबद्ध है।

कृष्ण मोहन को मिली जिम्मेदारी
Ram Mandir Trust के मीटिंग के बाद कृष्ण मोहन को सौपी गयी जिम्मेदारी। कृष्ण मोहन उत्तर प्रदेश के हरदोई के रहने वाले है जिन्होंने 2012 में रिटायरमेंट के बाद RSS में सक्रिय रहे है। अब ट्रस्ट की बागडोर उनके हाथ में सौपने का निर्णय Ram Mandir Trust द्वारा लिया गया है।
अफवाहों पर न दे ध्यान सभी चढ़ावा की वस्तु है सुरक्षित
गोविंद देव गिरी जी महाराज ने अपने बातों को आगे रखते हुए कहा की बेवजहों बातों पर ध्यान न दे , जो भी वस्तु दान में दिए गए थे उनका हमने रजिस्टर भी आपको दिखाने के लिए लाया है जहाँ पर 2800 वस्तुवों का रजिस्टर ट्रस्ट के पास मौजूद है और वो सुरक्षित है। कुछ विशेषाधिकारी के नियुक्ति के लिए भी हमने एक छोटी समिति घटित की है।
साथ ही Ram Mandir Trust की 22 तारीख को मीटिंग बुलाई गयी है माना जा रहा है की तब तक SIT की रिपोर्ट तब तक आ जाएगी ।
कारसेवकों पर गोली चलाने वाले के अंदर रामभक्ति का झूठा ज्वार
राम भक्ति का नाम लेकर हमें पाठ पढ़ाने का प्रयास कर रहे है जिन्होंने कारसेवकों पर गोलियां चलाईं। जिन्होंने स्वयं यह उच्चत्तम न्यालय में लिख कर दिया की राम हुए ही नहीं थे राम सेतु बना ही नहीं है राम भक्ति के विरोध में कार्य करने वाले लोगों के अंदर जो रामभक्ति का झूठा ज्वार राम भक्ति के लिए जगा हुआ है वह साधारण नहीं असाधारण है
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