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सोनम वांगचुक के लिए Shashi Tharoor ने की अपील – कहा अनशन छोड़े संसद में उठाएंगे मुद्दा

सोनम वांगचुक के लिए Shashi Tharoor ने की अपील – कहा अनशन छोड़े संसद में उठाएंगे मुद्दा

दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा विवाद को लेकर चल रहा विरोध-प्रदर्शन अब काफी संवेदनशील मोड़ पर आ चुका है। जाने-माने सोनम वांगचुक पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, जिसके कारण उनकी सेहत लगातार खराब होती जा रही है।

इस बीच, कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने की भावुक अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार को भी नसीहत दी कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत का रास्ता खोलना सरकार की कमजोरी नहीं, बल्कि राजनेताओं की दूरदर्शिता, परिपक्वता और उनके बड़प्पन को दर्शाता है।

Shashi Tharoor ने CJP के चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए और सोनम वांगचुक के अनशन को ध्यान में रखते हुए पुरे मामले पर अपने X अकाउंट पर एक खुला पत्र लिखते हुए उन्होंने कहा कि ” आज मैं आपसे एक राजनेता या सांसद के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर बात कर रहा हूँ जो युवा भारतीयों की आपकी पीढ़ी के साथ हो रही घटनाओं से बहुत परेशान है। ”

Shashi Tharoor

आगे Shashi Tharoor ने अपने पत्र में कहा कि ” यह मामला मेरे लिए व्यक्तिगत है। मेरा जन्म एक मध्यम-वर्गीय परिवार में हुआ था: मेरे पिता अखबार में नौकरी करते थे, माँ गृहिणी थीं, और एक ही कमाई से तीन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई होती थी। हमारे जैसे परिवार के लिए, मेरिट (योग्यता) कोई नारा नहीं था। स्कॉलरशिप, निष्पक्ष परीक्षाएँ, ईमानदार नतीजे — यही एकमात्र तरीका था जिससे एक वेतन से तीन बच्चों के सपने पूरे हो सकते थे।

मैंने मुंबई और कोलकाता में स्कूल की पढ़ाई की, दिल्ली में कॉलेज किया, यूनिवर्सिटी में टॉप किया और IIM में दाखिला पाया — लेकिन मैंने स्कॉलरशिप पर अमेरिका जाकर अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपने जुनून को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना। मुझे विरासत में कुछ नहीं मिला; सब कुछ कड़ी मेहनत और हाँ, परीक्षाओं के ज़रिए हासिल किया।

इसलिए मैं जानता हूँ कि कम और मध्यम आय वाले परिवारों के युवाओं के लिए निष्पक्ष, मेरिट-आधारित सिस्टम ही आगे बढ़ने की एकमात्र सीढ़ी है। जब वह सीढ़ी टूट जाती है — पेपर लीक हो जाते हैं, परीक्षाएँ रद्द हो जाती हैं, भरोसा टूट जाता है — तो अमीर और ताकतवर लोगों के बच्चों को नुकसान नहीं होता। उनके पास दूसरी सीढ़ियाँ होती हैं। यह आपके सपने और आपके परिवारों के त्याग (और दुखद रूप से, कुछ घरों में, खुद युवाओं की जान) के साथ धोखा होता है। ”

जंतर मंतर पर कर रहे CJP के लोगों को सम्बोधित करते हुए लिखा कि ” यह देश आपकी बात सुन रहा है। आपका गुस्सा अनुशासनहीनता नहीं है — यह उस पीढ़ी का दर्द है जिसने सब कुछ सही किया और फिर भी उसे धोखा मिला। आप अकेले नहीं हैं।”

साथ ही जो युवा पुरे इस प्रकरण को मौन होकर देख रहे है उन्हें भी उन्होंने संबोधित करते हुए लिखा है कि ” आपकी पीढ़ी कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसे बस ‘मैनेज’ किया जाए। आप भारत के भविष्य का जवाब हैं। उम्मीद न छोड़ें। यह सीढ़ी फिर से बनाई जाएगी — आपके द्वारा, और हर उस भारतीय द्वारा जो आपके साथ खड़ा है। ”

सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने के अपील के साथ Shashi Tharoor ने कहा कि ” कृपया अपना अनशन खत्म करें। आपने देश की अंतरात्मा को जगाया है; अनशन का मकसद यही होता है। आगे के लंबे सफर के लिए भारत को आपकी आवाज़ की ज़रूरत है।

सोमवार से संसद का सत्र फिर शुरू हो रहा है, इसलिए हमें लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच पर छात्रों के मुद्दों को उठाने का मौका मिलेगा। समस्या का समाधान वहीं होना चाहिए, न कि आमरण अनशन से। कृपया मेरी गुज़ारिश पर ध्यान दें।

आखिर में Shashi Tharoor ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि ” मैं आपसे सम्मानपूर्वक आग्रह करता हूँ कि आप आगे आएँ और उस बातचीत में शामिल हों जिसकी हमारे लोकतंत्र को अपने युवा नागरिकों से ज़रूरत है। यह कमज़ोरी नहीं, बल्कि राजनेताओं वाली समझदारी है। ”

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Bikash Kumar Jha
Bikash Kumar Jha
Reporter

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